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संघ और उसका राज्य क्षेत्र 

अनुच्छेद 1. -

  • भारत अर्थात इंडिया राज्यों का संघ होगा।

  • राज्य व् उसके राज्य क्षेत्र वही होंगे जो प्रथम अनुसूची में वर्णित हैं।

  • भारत के राज्य्क्षेत्र में अर्जित किये अन्य राज्य क्षेत्र समाविष्ट होंगे।

 

अनुच्छेद 2. -

  • संसद को नए राज्य का प्रवेश या उसकी स्थापना  करने की शक्ति प्रदान की गयी है। 

 

अनुच्छेद 3. -

  • संसद को अधिकार दिया गया है की सामान्य बहुमत व् विधायी प्रक्रिया द्वारा नए राज्यों का निर्माण और वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन कर सकती है।  

देशी रियासतों का एकीकरण

  • स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत में 542 देशी रियासतें थीं।  

  • 1947 ई. के "भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम" के द्वारा ब्रिटिश संसद ने भारत के देशी रियासतों पर से ब्रिटेन की सर्वोपरिता को समाप्त कर दिया। 

  • ब्रिटिश सरकार जो जब लगने लगा की भारत की स्वतंत्रता अवश्यंभावी है तो उसने भारत को खंड खंड करने की पूरी व्यवस्था कर दी थी।

  • एक तो भारत से पाकिस्तान को अलग करने की मुस्लिम लीग की मांग को बल प्रदान किया, दूसरे देशी रियासतों को भारत या पाकिस्तान किसी भी अधिराज्य में स्वतंत्रता पूर्वक सम्मिलित होने और अपने भावी संबंधों का निश्चय करने की आजादी प्रदान कर दी।

  • भारत के "लौह पुरुष" के नाम से विख्यात सरदार वल्ल्भ भाई पटेल ने अपने दृढ निश्चय और गहरी सूझ  बुझ से और लॉर्ड माउण्टबेटन की सहायता से ब्रिटिश सरकार की चाल को असफल कर दिया। 

  • भारत के देशी रियासतों को भारत संघ राज्य में शामिल करने के लिए वल्लभ भाई पटेल के नेतृत्व में "रियासती मंत्रालय" बनाया गया। 

  • सरदार वल्ल्भ भाई पटेल ने बातचीत और अपनी सूझ - बुझ और दृढ निश्चय से 539 देशी रियासतों का आसानी से भारत संघ में विलय करा लिया।

  • जूनागढ़ रियासत के शासक ने पाकिस्तान में शामिल होने की घोषणा  कर दी पर वहां की जनता ने इसका जोरदार विरोध कर दिया। अंततः भारत सरकार ने कठोर कार्यवाही करने का निश्चय कर लिया। 

  • हैदराबाद रियासत के निजाम ने भी भारत में विलय से इंकार कर दिया।  तब सरदार बल्लभ भाई पटेल के निर्देश पर पुलिसिया कार्यवाही द्वारा बलपूर्वक हैदराबाद रियासत को भारत में मिला लिया गया। 

  • जम्मू कश्मीर के महाराजा हरिसिंह ने पाकिस्तानी के आक्रमण से डर कर स्वेच्छा से विलय पत्र पर हस्ताक्षर कर दिया।  इस प्रकार जम्मू कश्मीर का भी भारत में विलय हो गया।