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शैव धर्म और वैषणव धर्म (Shaivism and Vaishnava religion)

शैव धर्म

  • भगवान  शिव की उपासना से सम्बंधित धर्म "शैव धर्म"  कहलाया।

  • भगवान शिव को "ऋग्वेद" में "रुद्र" नाम से पुकारा गया है।

  • "शिवलिंग" का स्पस्ट वर्णन "मत्स्यपुराण" में मिलता है।

  • अथर्वेद में भगवान शिव के लिए "शर्व", "भव", "पशुपति" और "भूपति"  शब्दों का प्रयोग किया गया है।

  • "शैव धर्म" अपने चरमोत्कर्ष पर "गुप्तकाल" में था।

  • "शैव धर्म" का सबसे प्राचीन सम्प्रदाय "पाशुपत" था।

  • मेगस्थनीज ने अपने यात्रा वृतांत में भगवान शिव को "डाएनोसिस" नाम दिया था।

  • एलोरा स्थित कैलाश मन्दिर का निर्माण "राष्ट्रकूटों" ने किया था।

  • राज राजेश्वर मन्दिर जिसका दूसरा नाम बृहदेश्वर मन्दिर भी है, जो तंजौर में स्थित है का निर्माण चोल शासक "राज राजा I" ने करवाया था।

  • शिव के महान उपाशक "कुषाण राजा" ने अपनी मुद्राओं पर शिव एवम नंदी का अंकन करवाया था।

 

वैष्णव धर्म

  • भागवत धर्म से ही वैष्णव धर्म का विकास "छठि शताब्दी ईसा पूर्व" में हुआ था।

  • वैष्णव धर्म की जानकारी "उपनिषदों" से प्राप्त होती है।

  • वैष्णव धर्म के प्रवर्तक मथुरा निवासी श्री कृष्ण थे, जो "वृष्णि काबिले" से सम्बंधित थे।

  • भागवत धर्म के सिद्धांतों का वर्णन "भागवत गीता" में मिलती है।

  • कृष्ण अथवा वासुदेव के उपासक "भागवत" कहलाये।

  • सर्वोच्च देवता के रूप में विष्णु का उल्लेख "ऐतरेय ब्राह्मण" में मिलता है।

  • विष्णु को इष्ट देव के रूप में पूजने वाले लोग "वैष्णव" कहलाये।

  • विष्णु के 10 अवतारों का वर्णन "मत्स्य पुराण" में मिलता है।

  • मेगस्थनीज ने कृष्ण के लिए "हेराक्लीज" शब्द का प्रयोग किया है।

  • भागवत शब्द का शाब्दिक अर्थ "पूज्य" होता है।

  • वैष्णव धर्म का सबसे अधिक प्रचार "गुप्त काल" में हुआ था।

  • वैष्णव सम्प्रदाय के प्रमुख आचार्य "रामानुज" थे ।

  • रामानुज "विशिष्टाद्वैत मत" के भी आचार्य थे।

  • रुद्र सम्प्रदाय के प्रमुख आचार्य "वल्लभाचार्य" थे।

  • ब्रह्म सम्प्रदाय के प्रमुख आचार्य "आनंदतीर्थ" थे।

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