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 गुरुत्वाकर्षण (Gravitation)

गुरुत्वाकर्षण बल

जिस बल के कारण दो वस्तुएं एक दूसरे को अपनी ओर आकर्षित करती है, गुरुत्वाकर्षण बल कहलाता है। 

किसी वास्तु पर पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल प्रायः उस वस्तु पर पृथ्वी का "गुरुत्व बल"  कहलाता है। 

 

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण का नियम (Newton's Law of Motion)

ग्रहों की गति सम्बन्धी "केप्लर के नियमों" का अध्ययन कर न्यूटन ने 1686 में "गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम"  दिया। 

गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम

"ब्रह्माण्ड के दो कणों के बीच कार्य करने वाला F आकर्षण बल कणों के द्रव्यमान के गुणनफल  m  m  के समानुपाती तथा उनके बीच की दुरी r के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है"। 

F ᾳ   m  m   / r    

या

F  =  G  m  m    /  r 

यहाँ G सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक है। 

जिसका मान लगभग  6.6734 x 10    Nm  / Kg  होता है। 

 

G (सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक) का मान सर्वप्रथम  1798 में सर हेनरी कैवेंडिश ने मरोड़ी तुला (Torsion Balance) की सहायता से निकाला था। 

 

 गुरुत्वीय त्वरण (g)

पृथ्वी के गुरुत्व बल के कारण उत्पन्न त्वरण, गुरुत्व जनित त्वरण। 

जिसे g से सूचित करते हैं। 

g का मान  9.8 m / s  होता है। 

g का मान मुक्त रूप से गिरते हुए सभी वस्तुओं के लिए समान होता है, जो है  g = G m / r   

पृथ्वी सतह पर कुछ स्थानों में g के मान में परिवर्तन होता है - 

1. g  का मान उच्च :- ध्रुवों पर 

2. g  का मान निम्न :- विषुवत रेखा पर 

3. पृथ्वी की सतह से निचे जाना या ऊपर जाने पर g का मान घटता है। 

4. पृथ्वी की घूर्णन गति बढ़ने पर g का मान कम हो जाता है। 

5. पृथ्वी की घूर्णन गति घटने  पर g का मान बढ़ जाता है। 

Note :- गुरुत्व बल वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है। 

ब्रह्माण्ड में विभिन्न स्थानों पर किसी वस्तु का भार  :-

1. पृथ्वी का द्र्वयमान चन्द्रमा के द्रव्यमान से लगभग 81 गुना अधिक होता है। 

2. पृथ्वी की त्रिज्या चन्द्रमा की त्रिज्या से लगभग 4 गुना अधिक  होता है। 

3. पृथ्वी का भार चन्द्रमा के भार का पृथ्वी पर उसके  भार का करीब 6 गुना  होता है। 

लिफ्ट में पिंड का भार 

1. ऊपर जाते समये लिफ्ट में स्थित पिण्ड का भार बढ़ा हुआ प्रतीत होता है। 

2. नीचे जाते समये  लिफ्ट में स्थित पिण्ड का भार घटा हुआ प्रतीत होता है। 

3. लिफ्ट के सामान वेग से ऊपर नीचे जाने पर पिण्ड के भार में परिवर्तन नहीं होता है। 

4. लिफ्ट की डोरी टूट जाने पर लिफ्ट मुक्त पिण्ड की भांति नीचे की ओर गिरेगी ऐसी स्थिति में पिण्ड का भार शून्य होता है। 

 

पलायन वेग 

वह वेग जिससे किसी वस्तु या पिण्ड को फेंकने से वह  पृथ्वी के वायुमण्डल से बाहर चला जाए और स्वतः ही लौट के न आये पलायन वेग कहलाता है।  पृथ्वी पर किसी वस्तु के पलायन वेग का मान 11.2 km / s होता है। 

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