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सूर्य (Sun)

  • सूर्य को सौरमंडल का प्रधान माना जाता है। 

  • सौरमंडल के समस्त ऊर्जा और प्रकाश का स्रोत सूर्य है। 

  • सूर्य की ऊर्जा का स्रोत नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) अभिक्रिया है। 

  • सूर्य अपने अक्ष पर पूर्व से पश्चिम दिशा की ओर घूमता है। 

  • सूर्य एक विशाल तारा है। 

  • भार की दृष्टि से सूर्य पृथ्वी से 3 लाख 30000 गुना भारी है। 

  • सूर्य की उम्र 5 बिलियन वर्ष है। 

  • सूर्य पृथ्वी से 13 लाख गुना बड़ा है। 

  • सूर्य का आतंरिक दीप्तिमान सतह प्रकाशमंडल (Photo sphere) कहलाता है। 

  • ताप और प्रकाश का पुंज सूर्य अत्यंत गर्म और गैसीय अवस्था में स्थित है। 

  • पृथ्वी पर जीव - जंतुओं और वनस्पतियों के  जीवन का स्रोत सूर्य ही है। 

  • सूर्य की पृथ्वी से दुरी लगभग 14.96 करोड़ किमी० दूर है। 

  • सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी तक पहुँचने में लगभग 8 मिनट और 16.6 सेकेंड का समय लगता है। 

  • सूर्य की मन्दाकिनी दुग्धमेखला के केंद्र से दुरी प्रायः 30000 प्रकाश वर्ष है। 

  • सूर्य 250 किमी० / सेकेंड की गति से 25 करोड़ वर्ष में दुग्धमेखला मंदाकिनी की केंद्र के चारों ओर नाभिकीय प्रिक्रिया करता है। 

  • मंदाकिनी के चरों ओर सूर्य की परिक्रमा ब्रह्माण्ड वर्ष या "कॉसमिक वर्ष" कहलाता है। 

  • सूर्य का मध्य भाग 25 दिनों में तथा ध्रुवीय भाग 35 दिनों में एक घूर्णन पूर्ण करता है। 

  • सूर्य की दीप्तिमान सतह के किनारे  प्रकाशमान नहीं होते। इसका कारण यह है कि सूर्य का वयुमण्डल प्रकाश का अवशोषण कर लेता है। यह लाल रंग का होता है जिसे वर्णमण्डल (Chromo sphere) कहते हैं। 

  • सूर्य का व्यास 13 लाख 92 हजार किमी० है। 

  • सूर्य का व्यास पृथ्वी के व्यास का लगभग 110 गुना है। 

  • पृथ्वी को सूर्य के ताप का 2 अरबवां भाग ही मिलता है। 

  • सूर्य एक जैसी गोला है। 

  • सूर्य की रासायनिक संरचना में हाइड्रोजन 71%, हीलियम 26.5% एवं अन्य तत्व 2.5% होता है। 

  • सूर्य के बाहरी सतह का तापमान 6000 डिग्री सेल्सियस होता है। 

  • सूर्य का केंद्रीय भाग "क्रोड" (Crore) कहलता है। 

  • "क्रोड" (Crore) का तापमान 1.5 x 10000000 डिग्री सेल्सियस होता है। 

  • उत्तरी ध्रुव पर सौर ज्वाला को औरोरा बोरियलिस कहा जाता है। 

  • दक्षिणी ध्रुव पर सौर ज्वाला क औरोरा औस्ट्रेलिस कहा जाता है। 

  • सूर्य से प्रसारित होने वाली परावर्तित प्रकाश को एल्बिडो (Albido) कहा जाता है। 

  • एल्बिडो (Albido) को देखकर ही चाक्षुष धुति (Visual Brightness) का निर्धारण किया जाता है। 

  • पृथ्वी का एल्बिडो (Albido) 0.31 है। 

  • घनत्व के अनुसार (बढ़ते क्रम में) ग्रहों का कर्म निम्नवत है :- 

  • शनि, अरुण, बृहस्पति, वरुण, मंगल एवं शुक्र 

  • सूर्यग्रहण के समय सूर्य का जो भाग दिखाई देता है, उसे सूर्य किरीट या कोरोना (Corona) कहते हैं। 

  • कोरोना (Corona) से X - किरणों का उतसर्जन होता है। 

  • कोरोना (Corona) का तापमान 27,00,000 डिग्री होता है जो प्रभामंडल युक्त होता है। 

  • सूर्य के कोरोना को "सूर्य का मुकुट" उसके प्रभामंडल के कारण ही कहा जाता है। 

  • पूर्ण सूर्यग्रहण के समय पृथ्वी को प्रकाश इसी कोरोना से ही प्राप्त होता है। 

  • सूर्य के कोरोना से बहार की ओर प्रवाहित होने वाली प्रोटॉन की धारा सौर पवन (Solar Wind) कहलाती है। 

  • खगोलशास्त्रियों का अनुमान है की आने वाले 5000 मिलियन वर्षों के पश्चात अन्य तारों की तरह सूर्य भी "लाल दानव" की स्थिति में पहुँच जाएगा। 

  • सूर्य की सतह निरंतर परिवर्तनशील रहती है। 

  • सूर्य में दिखने वाले काले धब्बे वस्तुतः चलते हुए गैसों के खोल हैं जो इसके सबसे ठन्डे भाग को दर्शाता है। 

  • सूर्य के इस भाग का तापमान उसके आसपास के तापमान से 1500 डिग्री कम होता है। 

  • सूर्य में स्थित काले धब्बों का एक पूरा चक्र  22 वर्षों का होता है, जिसमें शुरू के 11 वर्षों में धब्बे बढ़ जाते हैं और बाद के 11 वर्षों में घटना शुरू हो जाते हैं। 

  • सूर्य में स्थित चमकीले धब्बे प्लेजेस (Plages) कहलाते हैं। 

  • सूर्य के काले धब्बों को सौर कलंक (Sun Spot) कहा जाता है। 

  • सौर कलंक प्रबल चुम्बकीय विकिरण उतसर्जित करते हैं।  इसी कारण जब सूर्य की सतह पर काले धब्बे दीखते हैं तो पृथ्वी पर  चुम्बकीय झंझावत (Magnetic Storms) की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। 

  • इससे पृथ्वी की बेतार संचार व्यवस्था में गड़बड़ी आ जाती है। 

  • चुम्बकीय सुई की दिशा बदल जाती है, जिस कारण से रेडियो, टेलीविज़न, विधुत मशीनों आदि में गड़बड़ी उत्पन्न हो जाती है। 

  • सूर्य से उतसर्जित होने वाले हाइड्रोजन को "प्रोमिनेंस (Prominence) कहा जाता है। 

  • सूर्य की बाहरी परत को संवाहनीय मेखला (Convective Zone) कहा जाता है। इसका निर्माण कोशिकाओं से होता है। इन्ही कोशिकाओं से होकर सौर ऊर्जा प्रवाहित होती है। 

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