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राष्ट्रीय पेंशन योजना 

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     राष्ट्रीय पेंशन योजना 

(पूर्व नाम - प्रधानमंत्री लघु व्यापार मानधन योजना ) 

     

पेंशन की योजना द्वारा वृद्धावस्‍था के दौरान उस समय वित्तीय सुरक्षा और स्‍थायित्‍व दिया जाता है, जब लोगों के पास आय का कोई नियमित स्रोत नहीं होता है। सेवा निवृत्ति योजना द्वारा सुनिश्चित किया जाता है कि लोगों के पास प्रतिष्‍ठापूर्ण जीवन जीने और अपनी उम्र के बढ़ते वर्षों में अपना जीवन स्‍तर किसी समझौते के बिना अच्‍छा बनाए रखने की सुविधा हो। पेंशन योजना से लोगों को निवेश करने और अपनी बचत संचित करने का अवसर मिलता है जो सेवा निवृत्ति के समय वार्षिक योजना के रूप में एक नियमित आय के तौर पर उन्‍हें एक मुश्‍त राशि दे सके।

 

  1. योजना के शुरू होने की तिथि :- 12  नवंबर  2019 

  2. योजना के शुरू होने का स्थान :- रांची, झारखण्ड 

 

लाभार्थी के लिए शर्तें 

  1. लाभार्थी की उम्र 18 वर्ष से 40 वर्ष हो। 

  2. लाभार्थी की आय सालाना 1.50 लाख से कम हो। 

  3. लाभार्थी आयकर दाता ना हो। 

अंशदान की प्रक्रिया 

  1. 18 वर्ष की उम्र में योजना में शामिल होने पर 55 रूपए प्रतिमाह। 

  2. 29 वर्ष की उम्र में योजना में शामिल होने पर  100 रूपए प्रतिमाह। 

  3. 40 वर्ष की उम्र में योजना में शामिल होने पर 200 रूपए प्रतिमाह।

Note :-  ये अंशदान लाभार्थी को 60 वर्ष की उम्र प्राप्त करने तक करना होगा। 

लाभ :- 

  • 60 वर्ष की उम्र प्राप्त होने पर लाभार्थी को प्रतिमाह 3000 रुपये प्राप्त होंगे।  यदि लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है तो लाभार्थी के पति अथवा पत्नी को 1500 रुपये प्रतिमाह पेंशन प्राप्त होगा। 

अंशदान की विशेषता 

  • इसमें अंशदान करता अथवा लाभार्थी जितना अंशदान करता है, उतना ही अंशदान सरकार द्वारा किया जाता है। 

राष्ट्रीय पेंशन योजना की प्रबंधन संस्था 

  • इस योजना का  प्रबंधन भारतीय जीवन बिमा निगम के माध्यम से किया जा रहा है। 

                       

 अटल भूजल योजना

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अटल जल की रूपरेखा सहभागी भूजल प्रबंधन के लिए संस्थागत संरचना को सुदृढ़ करने तथा सात राज्यों अर्थात गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में टिकाऊ भूजल संसाधन प्रबंधन के लिए समुदाय स्तर पर व्यवहारगत बदलाव लाने के मुख्य उद्देश्य के साथ बनाई गई है।

केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प राज्य मंत्री ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी कि भारत में भूजल भंडार के लगातार कम होने की चिंता को दूर करने के लिये विश्व बैंक ने अटल भूजल योजना (ABHY) के तहत 6,000 करोड़ रुपए की सहायता देने की मंज़ूरी प्रदान कर दी है।


लक्ष्य :- देश के भूजल को ऊपर चढाने के लिए इस योजना की शुरुआत की गयी है।

 

योजना के शुरू करने की तिथि :- 25 दिसंबर 2019 

योजना के शुरू करने का स्थान :- नई दिल्ली 

योजना शुरू करने वाला मंत्रालय :- जल शक्ति मंत्रालय 


उद्देश्य :- भूजल प्रबंधन के लिए संस्थागत संरचना को सुदृढ़ करना। 


लाभार्थी राज्य :- उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान, कर्णाटक और महाराष्ट्र 


लाभार्थी जिलों की संख्या :- 78 


लाभार्थी गावों की संख्या :- 8350 


योजना अवधि :- 2020 - 21 से 2024 - 2025 


योजना की कुल लागत :- 6000 करोड़ रूपए 


योजना में भागीदारी :- इस योजना में विश्व बैंक केंद्र सरकार के साथ भागीदारी कर रही है।  इस योजना में विश्व बैंक कुल योजना राशि का 50 % को योगदान ऋण के रूप  में कर रही है। 


लाभ :- खेती के लिए पर्याप्त जल भंडारण सुनिश्चित करना। किसानों की आय दोगुना करने में सहायत मिलेगी। 

महात्मा ज्योतिराव फुले

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महाराष्ट्र महात्मा ज्योतिराव फुले कर्ज माफी योजना 2020 का शुभारम्भ 21 दिसंबर 2019  को उद्धव ठाकरे की सरकार के बनने के बाद किया गया है | Jyotirao Phule Shetkari Karj Mukti Yojana के अंतर्गत राज्य के जिन किसानों  ने 30 सितम्बर 2019 तक  फसल के लिए लिये गए ऋण को राज्य सरकार द्वारा माफ़ किया जायेगा। 

इस योजना के अंतर्गत महाराष्ट्र सरकार द्वारा राज्य के किसानो का 2 लाख रूपये तक का कर्ज माफ़ किया जायेगा | इस Mahatma Jyotirao Phule Karj Mafi Yojana 2020, का लाभ राज्य के छोटे और सीमांत (Small and marginal farmers ) को  दिया जायेगा इसके साथ ही राज्य के जो किसान गन्ने ,फलो के साथ अन्य पारम्परिक खेती करते है उन्हें भी इस महाराष्ट्र महात्मा ज्योतिराव फुले कर्ज माफी योजना 2020 के तहत कवर किया जायेगा। महाराष्ट्र के वित्त मंत्री जयंत पाटिल का कहना है कि कर्ज माफ़ी के लिए किसानो  के लिए कोई शर्त नहीं होगी और  इसका विवरण भविष्य में मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी किया जाएगा। 

 

 

महाराष्ट्र कर्ज माफ़ी प्रक्रिया

  • इस योजना के अंतर्गत राज्य के इच्छुक लाभार्थियों का बैंक के ऋण खाता आधार कार्ड से जुड़ा होना चाहिए और विभिन्न कार्यकारी सहकारी समितियों से जुड़ा होना चाहिए।

  • मार्च 2020 से, आधार कार्ड संख्या और ऋण खाता राशि वाले बैंकों द्वारा तैयार सूचियों को नोटिस बोर्ड के साथ-साथ चावड़ी पर भी प्रकाशित किया जाएगा।

  • ये सूचियाँ राज्य के किसान के क्रेडिट खाते को एक विशिष्ट पहचान संख्या देंगी।

  • राज्य के किसानों को अपने आधार कार्ड के साथ विशिष्ट पहचान संख्या लेनी होगी और अपने आधार नंबर और ऋण राशि को सत्यापित करने के लिए ‘आप सरकार सेवा’ केंद्र पर जाना चाहिए।

  • यदि सत्यापन के बाद किसानों को ऋण राशि स्वीकृत की जाती है, तो कर्ज ऋण राहत की धनराशि नियमों के अनुसार ऋण खाते में जमा की जाएगी।

  • यदि किसानों की कर्ज ली गयी धनराशि और आधार संख्या पर अलग-अलग विचार हैं, तो इसे जिला कलेक्टर की समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। समिति निर्णय लेगी और अंतिम कार्रवाई करेगी।

 

योजना शुरू होने की तिथि :-  20 दिसंबर 2019  

 

योजना शुरू होने का स्थान :- महाराष्ट्र 

 

लाभान्वित राज्य :- महाराष्ट्र 

 

उद्देश्य :- 30 सितंबर  2019  तक के बकाया ऋणों वाले किसानो का 2 लाख रुपये के कर्ज को माफ़ करना। 

 

लाभ :- कर्ज में दुबे किसानों को कर्ज से राहत दिलाना अथवा मुक्त करना। 

 

Note :- इस योजना का लाभ सिर्फ मार्च 2020 तक ही प्राप्त होगा।