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सिंधु घाटी सभ्यता Part - III

  • सैंधव सभ्यता में "काली मिटटी" की चूड़ियाँ "कालीबंगा" से प्राप्त हुई हैं। 

  • मिटटी के बरतन पर सूती वस्त्र की छाप "कालीबंगा" से ही प्राप्त हुई है। 

  • तांबे से बनी हुई "इक्का गाडी" हड़प्पा से मिली है। 

  • मोहनजोदड़ो का नगर 5 किमी घेरे में बसा हुआ था। 

  • मोहनजोदड़ो से सात पर्त् मिलने से यह पता चलता हैं  की यह नगर सात बार बसाया गया था। 

  • मोहनजोदड़ो को सात बार बसाये जाने के प्रमाण मिलने के कारण ही "सिंध का नखलिस्तान" भी कहा जाता है। 

  • मोहनजोदड़ो की सबसे चौड़ी सड़क को "राजपथ" कहा जाता था जिसकी माप 10 मीटर थी। 

  • सैंधव सभ्यता में "गोदीबाड़ा" (Dockyard) का साक्ष्य "लोथल" से प्राप्त हुआ है। 

  • लोथल के अवशेषों से यह ज्ञात होता है की यह शहर कई बार बाढ़ के कारण नष्ट हो गया था। 

  • संधू वासियों के लिए सबसे पवित्र पक्षी "बत्तख" था। 

  • सिंधुकालीन मुद्राएं वर्गाकार, चतुर्भुजाकार और बेलनाकार होती थी। 

  • सिंधु सभ्यता के उत्खनन से प्राप्त सुईओं से यह ज्ञात होता है की सिंधु वासी सिले हुए कपडे पहनते थे।

  • सिंधु निवासी "कांसे" का निर्माण तांबे और तीन को मिलाकर करते थे। 

  • सिंधु काल में दो प्रकार के बैलों के साक्ष्य मिलते हैं - कूबड़ और बड़े सींगों वाले बैल, बिना कूबड़ और छोटे सींगों वाले बैल। 

  • सिन्धुवासी सूत कातना, कपडा बुनना और कपडा रंगना भी जानते थे। 

  • "कर्नल स्यूयल" का मत हैं की सिंधुनिवासी "हिरणों के सींग" का चूर्ण बनाकर और समुद्रफेन को भी औषधि के रूप में प्रयोग में  लाते थे। 

  • सिंधु निवासी भवन निर्माण में  पत्थरों का प्रयोग नहीं करते थे। 

  • सिंधु निवासियों को "लोहे" का भी ज्ञान नहीं था। 

  • सिंधु निवासी "ताँबा" राजस्थान के "खेतड़ी की खानों" से प्राप्त करते थे। 

  • सिंधु निवासियों को तलवार, ढाल, कवच के बारे में ज्ञान नहीं था। 

  • सिंधु निवासी "पक्की मिटटी" के बरतन बनाते थे। 

  • लोथल से प्राप्त एक शव को कब्र में करवट लिए हुए लिटाया मिला था जिसका सर पूरब और पश्चिम दिशा में था। 

  • सिंधु सभ्यता में संभवतः धार्मिक अवसरों पर जनता के सामूहिक स्नानके लिए "वृहत स्नानागर" का निर्माण किया गया था। 

  • सिंधु वासियों का मकान चौकोर होता था तथा घर के बीच में आंगन होता था। 

  • सिंधु वासियों के  बहुत बड़े कुछ मकान मिले हैं जिनमें 30 या उससे भी ज्यादा  कमरे थे। 

  • सिंधु सभ्यता में सड़क पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण की ओर जाती हुई एक दूसरे को समकोण पर काटती थी। 

  • सिंधु सभ्यता में सड़क के किनारे बड़े - बड़े नालों का निर्माण किया गया था जो पूर्णतः ढके हुए होते थे। 

  • गलियों की नालियों मुख्य नालों में गिरती थी और मुख्य नाला शहर के बाहर निर्जन स्थान पर गिरता था। 

  • सिंधु सभ्यता के विनाश का कारण सम्भवतः "बाढ़  से विनाश" होना था। 

  • सिंधु सभ्यता के पतन से सम्बंधित विभिन्न इतिहासकारों के मत निम्नवत हैं :- 

  1. जॉन मार्शल के अनुसार - "प्रशासनिक शिथिलता" 

  2. मैके के अनुसार - "बाढ़" 

  3. के० यू० आर० कैनेडी के अनुसार - "प्राकृतिक आपदा" 

  4. डी० आर० साहनी के अनुसार - "भूतात्विक परिवर्तन

  5. गार्डन चाइल्ड एवं हविह्लर के अनुसार - "आर्यों का आक्रमण

  6. ऑरेल स्टाइन के अनुसार - "बाढ़ एवं जलवायु परिवर्तन