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मानव शरीर के प्रमुख तंत्र (Important System of Human Body)

  • मनुष्य का जंतु वैज्ञानिक नाम "होमो सेपियन्स" है। 

  • मनुष्य के शरीर में कुल ग्यारह अंगतंत्र होते हैं, जो निम्नवत हैं :- 

  1. अध्यावरण तंत्र (Epithelial System)

  2. पाचन तंत्र (Digestive System)

  3. श्वसन तंत्र (Respiratory System)

  4. परिसंचरण तंत्र (Circulatory System)

  5. उतसर्जन तंत्र (Excretory System)

  6. प्रजनन तंत्र (Reproductive System)

  7. तंत्रिका तंत्र (Nervous System)

  8. कंकाल तंत्र (Skeletal System)

  9. अन्तः स्रावी तंत्र (Endocrine System)

  10. पेशी तंत्र (Muscular System)

  11. ज्ञान इन्द्रियाँ (Sense System)

पाचन तंत्र (Digestive System)

भोजन के पाचन की प्रक्रिया निम्नलिखित पांच चरणों द्वारा सम्पन्न होती है - 

  1. अंतर्ग्रहण (Ingestion)

  2. पाचन (Digestion)

  3. अवशोषण (Absorption)

  4. स्वांगीकरण (Assimilation)

  5. मल परित्याग (Defecation) 

1. अंतर्ग्रहण

  • भोजन को मुख के अंदर लेना अंतर्ग्रहण कहलाता है। 

 

2. पाचन :

  • जटिल भोजन कानों को विभिन्न एन्जाइमों एवं प्रक्रियाओं की सहायता से सरल कणों में परिवर्तित करना पाचन कहलाता है। 

 

  • मनुष्य में पाचन की प्रक्रिया मुख से प्रारम्भ होकर छोटी आंत तक जारी रहती है। 

  • मनुष्य के आहारनाल की कुल लम्बाई 32 फ़ीट होती है। 

  • मुख में स्थित लार ग्रंथियों से प्रतिदिन लगभग 1.5 लीटर लार निकलता है। 

  • जिसकी प्रकृति अम्लीय होती है (pH मान - 6.5)

  • मुख में चार प्रकार के दांत पाए जाते हैं - अग्र चवर्णक (Premolar), चवर्णक (Molar), कृन्तक (Incisor), रदनक (Canine)

  • मनुष्य में दाँत Thecodont Diphyodont एवं Heterodont होते हैं। 

  • भोजन मुख से ग्रासनली द्वारा अमाशय में पहुँचता है। 

  • भोजन का अंतिम पाचन छोटी आंत में होता है। 

  • बड़ी आंत में केवल का अवशोषण होता है। 

  • आँत रस क्षारीय होता है, जिसका pH मान 8 होता है। 

  • स्वास्थ्य मनुष्य में प्रतिदिन लगभग 2 लीटर आंतरिक रस निकालता है। 

  • अमाशय के ऑक्सीन्तिक कोशिका से हाइड्रोक्क्लोरिक अम्ल निकलता है, जो भोजन के साथ जीवाणुओं को नष्ट करता है और एन्जाइम की क्रिया को तीव्र करता है। 

  • यकृत (Liver) मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि होती है।

  • इसका वजन लगभग 1.5 से 2 kg होता है। 

  • यकृत प्रोटीन की अधिकतम मात्रा को तथा कार्बोहायड्रेट के कुछ भाग को वसा में बदल देता है। 

  • हिपैरिन नामक प्रोटीन का उत्पादन यकृत से होता है, जो शरीर के अंदर रक्त का थक्का बनाने में मदद करता है। 

 

अग्नाशय (Pancreas)

  • मानव शरीर की दूसरी सबसे बड़ी ग्रंथि है, जो एक ही साथ अन्तः स्रावी और बाह्य स्रावि ग्रंथि दोनों का कार्य करती है। 

  • अग्नाश्य में "आइस्लेट ऑफ लंगरहैंस" नामक रचना है जो अंतःस्रावी ग्रंथि का कार्य करती है। 

  • इन्सुलिन की खोज वेटिंग एवं वेस्ट ने 1921 में की थी। 

  • इन्सुलिन का प्रमुख कार्य रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करना है। 

  • इन्सुलिन की कमी से मधुमेह (Diabetes) नामक रोग होता है। 

  • इंसुलिन की अधिकता से हाइपोग्लाइसीमिया नामक रोग हो जाता है, जिससे जनन क्षमता और दृष्टि ज्ञान कम होने लगता है। 

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