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भारतीय संविधान का निर्माण

  • भारत विभाजन के बहुत पहले से ही भारतीय नेताओं ने  देश का अपना संविधान निर्माण की दिशा में पहल करनी शुरू कर दी थी।

  • सर्वप्रथम 1895 में तिलक ने अपने "स्वराज" के प्रस्ताव मेजन देश के आने संविधान की मांग रखी थी।

  • फिर जब साइमन कमीशन ने भारतीयों को अपना सर्वदलीय स्वीकार्य संविधान बनाने की चुनौती दी, तो 1928 की नेहरू समिति की रिपोर्ट में इस चुनौती को स्वीकार् करने का प्रस्ताव रखा गया।

  • साम्यवादी नेता एम एन राय ने भी भारतीयों को अपना संविधान बनाने की पुरजोर मांग की थी।

  • कैबिनेट मिशन  के निर्द्वश पर 22 जुलाई 1946 में भारतीय संविधान का निर्माण करने के लिए एक संविधान सभा का गठन किया गया, जिसके सारे सदस्य भारतीय होने थे।

  • जुलाई 1946, में संविधान सभा के लिए  तय किये गए कुल 389 सदस्यों के लिए चुनाव हुए।

  • सर्वप्रथम 389 सदस्यों में से प्रांतों के लिए निर्धारित 296 सदस्यों के चुनाव में कांग्रेस को 208, मुस्लिम लीग को 73 एवम  अन्य दलों के स्वतंत्र उम्मीदवारों को 15 स्थान मिले।

  • संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसम्बर 1946 को नई दिल्ली स्थित कौंशील चैम्बर के पुस्तकालय भवन में हुई।

  • इस बैठक में डॉ सच्चिदानंद सिन्हा को संविधान सभा का अस्थायी अध्यक्ष चुना गया, जो सभा के सर्वाधिक बुजुर्ग सदस्य थे।

  • प्रांतों व देशी रियासतों का संविधान सभा में प्रतिनिधित्व उनकी जनसँख्या के अनुपात में किया गया था।

  • जनसँख्या का आधार मुस्लिम, सिक्ख व साधारण जनसमुदाय को तय किया गया था।

  • इस चुनाव प्रक्रिया में हैदराबाद एक मात्र देशी रियासत थी जिसने संविधान सभा के लिए अपना कोई प्रतिनिधि नहीं भेजा।

  • मुस्लिम लीग ने संविधान सभा की प्रथम बैठक का बहिष्कार करते हुए  अलग देश पाकिस्तान और उसके अलग संविधान की मांग की।

  • संविधान सभा के सदस्यों में 213 सामान्य, 79 मुस्लिम, 4 सिक्ख, 33 अनुसूचित जनजाति के सदस्य व कुल 12 महिलाएं थी।

  • 11 दिसम्बर 1946 को डॉ राजेन्द्र प्रसाद बतौर संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष निर्वाचित हुए।

  • 13 दिसम्बर 1946 को संविधान सभा की कार्यवाही जवाहर लाल नेहरू द्वारा  प्रस्तुत उद्देश्य प्रस्ताव के साथ शुरू हुई।

  • यह उद्देश्य प्रस्ताव 22 जनवरी 1947 को स्वीकृत हुआ।

  • फिर संविधान के निर्माण के लिए कुछ समितियां गठित की गई।

  • संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार बी एन राव (बेनेगल नरसिंह राव) द्वारा तैयार संविधान के प्रारूप पर विचार विमर्श हवतु 29 औगिस्ट 1947 को संविधान सभा की बैठक हुई।

  • इस बैठक में प्रारूप समिति का गठन कर डॉ भीम राव अम्बेडकर को अध्यक्ष चुना गया।

  • 3 जून 1947 को कैबिनेट मिशन की योजनानुसार देश का बंटवारा हो जाने पर 26 जुलाई 1947 को पाकिस्तान के लिए अलग संविधान में गठन किया गया।

  • भारत में अब संविधान सभा के सदस्य संख्या 324 निश्चित की गई।

  • इनमें 235 प्रांतों हेतु और 89 स्थानिन को देशी रियासतों के लिए सुरक्षित रखा गया।

  • 31 अक्टूबर 1947, स्वतंत्र भारत में संविधान सभा का पुनर्गठन किया गया। इसमें संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या 299 थी।

  • संविधान निर्माण में कुल 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन लगे।

  • 24 जनवरी 1950, को संविधान सभा की अंतिम बैठक हुई।

  • 26 जनवरी 1950, को संविधान को देश में लागू कर दिया गया।

  • संविधान के प्रारूप पर कुल 114 दिन तक बहस चली।

  • संविधान निर्माण में 63,96,729 रुपये व्यय हुए।

  • तीन संविधान वाचन व इस पर गंभीर चिंतन मनन व सुधार प्रक्रियाओं के बाद 26 नवम्बर 1949 को हुए अंतिम व तीसरे वाचन के बाद संविधान सभा द्वारा संविधान को पारित किया गया।

  • 26 नवम्बर 1949, को जब भारत का नया संविधान, संविधान सभा द्वारा पारित किया गया था, उस समय कुल 22 भाग, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियाँ थीं।

  • वर्तमान समय में हमारे संविधान में 22 भाग, 395 अनुच्छेद और 12 अनुसूचियाँ हैं।

  • 24 जनवरी 1950 को जब संविधान सभा की अंतिम बैठक हुई थी, तब उसी दिन डॉ राजेन्द्र प्रसाद को भारत का प्रथम राष्ट्रपति चुना गया।

कैबिनेट मिशन (1945 ई.) के प्रस्ताव पर गठित अंतरिम मंत्रिमंडल (02 सितंबर 1946 ई. )

मंत्रिमंडल में शामिल मुस्लिम लीग के सदस्य (26 अक्टूबर 1946 ई.)