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कुछ प्रमुख अधातुओं का विवरण

हाइड्रोजन (Hydrogen)

  • संकेत H, परमाणु संख्या 1 

  • हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक होते हैं - प्रोटियम (H), ड्यूटेरियम (D) और ट्राइटियम (T)

  • ड्यूटेरियम के ऑक्साइड को भारी जल (D2O)  कहते। हैं

  • भारी जल के बारे में सर्वप्रथम 1932 में युरे एवं ब्रिक वेड ने बताया था।

  • साधारण जल के लगभग 6000 वें भागों में 9 भाग भारी जल का होता है।

 

उपयोग :-

  • नाभिकीय रिएक्टर में मंदक के रूप में।

  • ट्रेसर के रूप में।

  • आयनिक एवं अनायनिक हाइड्रोजन में विभेद करने में।

 

जल में सोडियम कार्बोनेट डालकर उबालने से स्थायी एवं अस्थायी दोनों प्रकार की कठोरता दूर हो जाती है।

जल की स्थायी कठोरता दूर करने की मुख्य विधि परम्यूटिट विधि है (सोडियम जिओलाइट को "की परम्यूटिट" कहते हैं)।

 

ऑक्सीजन (Oxygen)

  • संकेत O, परमाणु संख्या 8

  • ऑक्सीजन के तीन समस्थानिक होते हैं 

  • आयतन के आधार पर  वायु में 21% ऑक्सीजन होता है।

  • O3 (ओजोन): यह ऑक्सीजन का अपरूप है।  वायुमंडल में 32 - 80 किमी की ऊंचाई पर ओजोन की परत पायी जाती है जो सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों को रोककर पृथ्वी के जीवधारियों की सुरक्षा करता है।

 

गंधक (Sulphur)

  • संकेत S, परमाणु संख्या 16

  • अयस्क के नाम :-

  • जिप्सम (CaSO4.2H2O)

  • हेविस्पार (BaSO4)

  • इप्सम लवण (MgSO4.7H2O)

  • सज्जी मिट्टी (Na2SO4.10H2O)

  • आर्सेनिक सल्फाइड (AS2S3)

 

सल्फर के तीन अपरूप होते हैं :-

  • विषमलनवाक्ष (Rhombic) या अष्टफल्कीय (Octahedra) गंधक या अल्फा गंधक

  • एकनताक्ष (Monoclinic): गंधक या बीटा गंधक

  • प्लास्टिक (Plastic): गंधक

 

  • सल्फर का सबसे महत्वपूर्ण औधौगिक उत्पादन सल्फ्यूरिक अम्ल है।

  • सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल 98% शुद्ध होता है तथा इसकी नॉर्मलता 18m होती है।

  • चार्ल्स गुडइयर ने गंधक को रबर के साथ गर्म किया जिससे रबर और अधिक कठोर हो गया, यह क्रिया वल्कनीकरण कहलाती है।

  • इसी के कारण रबर से टायर का निर्माण संभव हुआ 

नाइट्रोजन (Nitrogen)

  • संकेत N, परमाणु संख्या 7 

  • आयतन की दृष्टि से वायुमंडल में 78% भाग नाइट्रोजन का होता है। 

  • नाइट्रोजन शरीर के सबसे प्रमुख पोषक तत्व प्रोटीन का संघटक होता है। 

  • वायुमंडल सहित पृथ्वी पर नाइट्रोजन का बाहुल्य भारानुसार 0.01% है। 

  • नाइट्रोजन का उपयोग निष्क्रिय गैसों की जगह पर भी किया जाता है। जैसे - लोहा और इस्पात उद्योग, तनुकारक के रूप मे

  •  नाइट्रोजन के यौगिकों में अमोनीय (NH3) एक प्रमुख यौगिक है। 

  • अमोनिया का निर्माण हैबर विधि द्वारा होता है। 

  • राइजोबियम नामक जीवाणु लेग्यूम जाती की पौधों की जड़ों में वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थरीकरण करता है। 

 

फॉस्फोरस (Phosphorus)

  • संकेत P, परमाणु सख्या 15 

  • फॉस्फोरस एक अभिक्रियाशील तत्व है जो जंतुओं की हड्डियों के लगभग 58% भाग में कैल्शियम फास्फेट रूप में पाया जाता है। 

  • फास्फोरस के मुख्यतः तीन अवयव होते हैं - 

  • लाल फॉस्फोरस 

  • श्वेत फॉस्फोरस 

  • काला फॉस्फोरस 

  • श्वेत फॉस्फोरस अपेक्षाकृत अधिक क्रियाशील होता है अतः इसे जल में रखा जाता है। 

  • लाल फॉस्फोरस का उपयोग दियासलाई की तिल्ली बनाने में होता है। 

 

हैलोजेन (Halogens)

  • वर्ग VII A के तत्वों को हैलोजन कहा जाता है। 

  • इसके अंतर्गत क्लोरीन, फ़्लोरिन, ब्रोमीन और आयोडीन सम्मिलित हैं। 

  • फ़्लोरिन का उपयोग टेफ्लॉन (संश्लेषित रबर) बनाने में होता है। 

  • ब्रोमीन द्रव रूप में पाया जाने वाल  एक मात्र अधातु है। 

  • ब्रोमीन मुक्त अवस्था में नहीं पाया जाता है। 

  • समुद्री जल में सोडियम, पोटेशियम एवं मैग्नीशियम के ब्रोमाइड के रूप में पाया जाता है। 

  •  समुद्रीजल में यह लवण के रूप में पाया जाता है। 

  • आयोडीन भी मुक्त रूप में नहीं पाया जाता है। 

  • यह चिलीसाल्टपिटर में या कैलिश में मुख्यतः आयोडीन सोडियम आयोडेट के रूप में उपस्थित रहता है।

  • संसार में प्रयुक्त आयोडीन का का अधिकाँश भाग इसी घोल से प्राप्त होता है। 

  • Idoine  मानव शरीर के लिए आवश्यक तत्व है। यह थाइरॉइड ग्रंथि द्वारा स्रावित हॉर्मोन थाइरॉक्सिन का मुख्य घटक होता है। 

  • क्लोरीन भी मुक्त अवस्था में नहीं मिलता है। साधारण लवण (NaCl), सिल्वाइन (KCl) एवं कार्नेलाइट (KCl, MgCL2.6H2O) में संयुक्त रूप में उपस्थित रहता है। 

 

निष्क्रिय गैसें (Noble Gases)

  • इनकी संख्या 6 होती है।

ये हैं - 

  • हीलियम (He)

  • नियॉन (Ne) 

  • ऑर्गन (Ar) 

  • क्रिप्टॉन (Kr) 

  • जेनॉन (Xe)

  • रेडॉन (Rn) 

  • निष्क्रिय गैसों को आवर्तसारणी में शुन्य वर्ग में स्थान दिया गया है। 

  • रेडॉन (Rn) को छोड़कर सभी अन्य अक्रिय गैस वायुमंडल में पायी जाती है। 

  • विसर्जन लैम्पों व् ट्यूबों तथा विज्ञानं के लिए प्रदीप्त बल्बों में नियॉन (Ne) का उपयोग किया जाता है। 

  • ऑर्गन (Ar) का उपयोग मिश्र धातुओं के आर्क वेल्डिंग में निष्क्रिय वातावरण उत्पन्न करने तथा बिजली के बल्ब भरने में किया जाता है। 

  • हीलियम (He) का उपयोग मौसम सम्बन्धी अध्ययन, निम्न तापीय अभिकर्मक के रूप में किया जाता है। 

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