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कार्बन और उसके यौगिक 

  • कार्बन शब्द की उत्पत्ति कार्बो शब्द से हुई है, जिसका अर्थ होता है काला चट्टान। 

  • कार्बन एवं  यौगिकों (Carbon and its Compounds) का अध्ययन रसायन विज्ञानं के जिस शाखा में किया जाता है उसे कार्बनिक रसायन (Organic Chemistry) कहते हैं। 

  • कार्बन के यौगिकों की संख्या सबसे अधिक होती है, क्यों की यह लम्बी श्रृंखला में जुड़कर यौगिकों का निर्माण करते हैं। 

  • यह विधुत धनात्मक और ऋणात्मक दोनों तत्वों से जुड़कर सिर्फ सह संयोजक यौगिक का निर्माण करते हैं।

  • यह अपरूपता और समावयवता दोनों का प्रदर्शन करते हैं। 

  • यह मुख्य अभिक्रिया के अलावे पार्श्व अभिक्रिया का भी प्रदर्शन करता है। 

 

अपरूपता (Allotropy)

 

वैसे तत्व जो एक से अधिक रूपों में उपस्थित रहते हों, तथा जिनका रासायनिक गुण सामान परन्तु भौतिक भिन्न भिन्न हो अपरूप कहलाते हैं, तथा यह घटना अपरूपता कहलाती है। 

 

कार्बन के दो अपरूप है - 

रवादार अपरूप :- हीरा एवं ग्रेफाइट 

बेरवादार अपरूप:- कोक, चारकोल, काजल, गैस, कार्बोन इत्यादि। 

हीरा (Diamond)

  • हीरा विश्व का सबसे कठोर पदार्थ है जो कार्बन का सबसे शुद्ध रूप होता है। 

  • हीरा का अपवर्तनांक 2.45 है, जो सबसे अधिक होता है। 

  • हीरा की रचना चतुष्फलकीय होती है। 

  • हीरा किम्बरलाइट चट्टानों के नीचे से प्राप्त होता है। 

  • कुछ हीरे काले होते हैं, जिन्हें बोर्ट कहा जाता है, इनका उपयोग शीशों को काटने में होता है। 

 

ग्रेफाइट (Graphite)

  • ग्रेफाइट शब्द की उत्पत्ति ग्रेफाइन शब्द से हुई है, जिसका अर्थ होता है निशान बनाने वाला। 

  • ग्रेफाइट की रचना अष्टफल्कीय होती है। 

  • ग्रेफाइट का उपयोग स्नेहक (Lubricant) बनाने में, शुष्क सेलों में एवं लिखने में होता है। 

 

कार्बन के यौगिक 

  • सर्वप्रथम बर्जीलियस (स्वीडेन) ने बताया था की कार्बन के यौगिक सिर्फ जीव शरीर से ही प्राप्त होता है अतः इसे जैव सिद्धांत कहा जाता है। 

  • परन्तु 1828 में जर्मनी के रसायनज्ञ वोहलर ने प्रयोगशाला में यूरिया, 1844 में कोल्वे ने एसिटिक अम्ल एवं 1856 में बर्तेलों ने मीथेन का निर्माण कर जैव सिद्धांत को झुठला दिया। 

 

हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbon)

  • कार्बन और हाइड्रोजन से बना यौगिक हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं। 

  • पेट्रोलियम भी हाइड्रोकार्बन का ही उदहारण है। 

 

हाइड्रोकार्बन दो प्रकार के होते हैं :- 

 

संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Saturated Hydrocarbon)

  • जिस हाइड्रोकार्बन में कार्बन की चारों संयोजकताएँ एकल - सह - संयोजी बंधन द्वारा संतुष्ट होती है। इसे एल्केन या पाराफिन भी कहते हैं। 

  • एल्केन का सामान्य सूत्र होता है :- CnH2n +2

 

असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (Unsaturated Hydrocarbon)

  • जिसमें कार्बन की चारों संयोजकताएँ दो निकटस्थ कार्बन परमाणु आपस में द्विबंध या त्रिबंध बनाकर अपनी संयोजकता को संतुष्ट करते हैं। 

  • द्विबंध वाला हाइड्रोकार्बन अल्कीन कहलाता है। 

  • अल्कीन का सामान्य सूत्र होता है :- CnH2n

  • त्रिबंध वाला हाइड्रोकार्बन अल्काइन कहलाता है। 

  • अल्काइन का सामान्य सूत्र होता है :- CnH2n -2