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जंतु विज्ञान - II

Phylum IX : Chordata - (Chorda - String or Cord)

  • नोटोकॉर्ड उपस्थित होता है। यही बाद में कशेरुक दंड (Vertebral Column) में बदल जाता है। 

  • नालाकर पृष्ठीय तंत्रिका तंतु (Dorsal Tubular Nerve Cord) पाया जाता है। 

  • गिल दरार अवश्य पाया जाता है। 

  • रक्त लाल रंग का होता है, क्यूंकि हीमोग्लोबिन उपस्थित होता है। 

  • रक्त परिवहन तंत्र बंद प्रकार का होता है। 

  • देह गुहा विकसित होती है। 

 

संघ कॉरडिता को दो भागों में बांटा गया है :

i) Acraniata :- जिसमें Cranium or Brain Box अनुपस्थित होता है। 

ii) Craniata :- जिसमें Cranium or Brain Box उपस्थित होता है।

  • Craniata को दो विभागों में बांटा गया है - 

  • Agnatha : इस विभाग के जंतु में  सच्चे जबड़े (True Jaws) और Paired Appendages का आभाव होता हैं। 

 

Gnathostomata :

इस विभाग के जंतु में  सच्चे जबड़े (True Jaws) और Paired Appendages होता हैं। 

 

इसे दो   महावर्गों में बांटा जाता है :- 

Super Class - I : मत्स्य वर्ग - (Pisces)

  • जंतु समुद्र और मीठे पानी दोनों में पाए जाते हैं। 

  • ये सभी शीत रक्तीय (Cold blooded) असमतापी जंतु होते हैं। 

  • हृदय में एक आलिंद (Auricle) एवं एक निलय (Ventricle) होते हैं और केवल दो ही चैंबर होते हैं, और केवल अशुद्ध रक्त ही पम्प करता है। 

  • समुद्री मछलियों का कंकाल उपास्थि (Carillage) एवं मीठे जल की मछलियों का कंकाल अस्थि (Bone) का बना होता है। 

  • उदाहरण - समुद्री मछली, स्कालयोडान (Dog fish), टॉरपीडो शार्क (Electric fish), दरियाई घोडा इत्यादि। 

  • मीठे जल की मछली - रेहु, कतला, बोआरी, मांगुर इत्यादि। 

 

Super Class II : Tetrapoda -

इनमें दो जोड़े पैर होते है, इसे चार भागों में बांटा गया है :- 

 

Class I - Amphibia 

  • जल और स्थल दोनों में पाया जाता है। 

  • यह भी शीतरक्तकीय (Cold blooded) जंतु होते हैं। 

  • हृदय में दो आलिंद और एक निलय होता है। 

  • निषेचन बाह्य (External) होता है। 

  • उदहारण - मेंढक, दादुरु, सलामेन्डर नर मेंढक मैथुन क्रिया हेतु मादा को अपनी ओर आकर्षित करने हेतु टर्र - टर्र की ध्वनि उत्पन्न करता है। 

 

Class II - Reptilia 

  • ज्यादातर समुद्र और स्थल में पाया जाता है। 

  • हृदभी य में दो आलिंद एवं एक अपूर्ण विभाजित निलय होता है। 

  • यह भी शीतरक्तकीय (Cold blooded) जंतु होते हैं। 

  • कंकाल पूर्णतः अस्थियों का बना होता है। 

  • उदहारण - सभी प्रकार के सांप, छिपकिली, कछुआ इत्यादि। 

  • सरीसृपों का विकास मिसोजोइक युग में हुआ था। 

  • डायनासोर इसी वर्ग का जंतु था। 

  • न्यूज़ीलैंड  विश्व का एक मात्र देश है जहाँ सांप नहीं  पाए जाते हैं, तथा आयरलैण्ड में विषैले सांप नहीं पाए जाते हैं। 

  • बोआ नामक सर्प बच्चे को जन्म देता है। 

  • नागराज जैसा सर्प घोंसला बनता है। 

  • संसार का सबसे विषैला सांप हाइड्रोफिश है जो समुद्री होता है। 

  • साँपों का विष अम्लीय होता है। 

Class III - Aves (पक्षीय वर्ग)

  • यह उष्णरक्तकीय (Warm blooded) होता है।जिसके शरीर का तापक्रम अपेक्षाकृत अधिक होता है।

  • ह्रदय चार चैम्बर के बने होते हैं।

  • अग्रपाद (Front legs) डैने में रूपांतरित हो जाता है।

  • मूत्राशय अनुपस्थित होता है।

  • सबसे बड़ा जीवित पक्षी शुतुरमुर्ग है।

  • कीवी और एमू न उड़ने वाले पक्षी हैं।

  • संसार का सबसे तेज उड़ने वाला पक्षी बाज है जो 370 से 380 किमी प्रति घंटा की गति से उड़ता है।

  • सबसे छोटा पक्षी हमिंगबर्ड है।

 

Class IV - Mammalia (स्तनधारी)

  • त्वचा बालों से ढकी रहती है।

  • त्वचा तैलीय ग्रन्थियों से युक्त होता है।

  • यह भी उष्णरक्तकीय (Warm blooded) होता है।

  • इसका R.B.C. केन्द्रक विहीन होता है।

  • ह्रदय चार चैम्बर का बना होता है।

  • स्तनग्रंथि पायी जाती है।

  • एकडीना अंडा देने वाला स्तनधारी है।

  • कंगारू अपरिपक्व बच्चे को जन्म देता है।

  • छुछुनंदर सबसे छोटा एवम नीली व्हेल सबसे बड़ा स्तनधारी है।

  • डक विल्ड प्लैटिप्स एकमात्र विषैला स्तनी है।