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मानव रक्त (Human Blood)

  • रक्त एक लाल संयोजी ऊतक है। 

  • मानव शरीर में रक्त की मात्रा शरीर के भार का लगभग 7% होता है। 

  • रक्त एक क्षारीय  विलयन होता है जिसका pH मान 7.4 होता है। 

  • सामान्य स्वस्थ मनुष्य के शरीर में 5 - 6 लीटर रक्त होता है। 

  • महिलाओं में पुरुषों की तुलना में 1/2 लीटर रक्त कम होता है। 

  • रक्त का निर्माण तीन चीजों से होता है :- 

  1. प्लाज्मा (Plasma)

  2. रक्त वाहिकाएं / रुधिराणु  (Blood Corpuscles)

  3. बिम्बाणु (Platelets)

 

a) प्लाज्मा (Plasma)

  • यह रक्त का तरल भाग है। 

  • यह रक्त  लगभग 55% भाग को बनाता है। 

  • प्लाज़्मा का लगभग 90% भाग जल, 7% एल्बुमिन एवं ग्लोबुलिन प्रोटीन 0.9% लवण और 0.1% ग्लूकोस, इसके अलावे अमीनो अम्ल, वसा, हार्मोन्स, एन्जाइम इत्यादि का बना होता है। 

  • प्लाज़्मा पचे हुए भोजन एवं हार्मोन का संवहन करता है। 

  • जब प्लाज़्मा से फाइब्रिनोजिन नामक प्रोटीन को निकाल दिया जाता है तो शेष प्लाज़्मा को सेरम (Serum) कहा जाता है। 

 

b) रक्त वाहिकाएं / रुधिराणु  (Blood Corpuscles)

  • यह रक्त का शेष 40% भाग होता है।

  • इसे दो भागों में बाँट सकते हैं।:

  1. लाल रक्त कण (Red Blood Corpuscles)

  2. श्वेत रक्त कण (White Blood Corpuscles)

 

a) लाल रक्त कण (Red Blood Corpuscles)

  • इसे इरिथ्रोसाइट भी कहा जाता है। 

  • स्तनधारियों के R.B.C. उभयावतल एवं केंद्रकविहीन होते हैं। अपवाद - ऊँट एवं लामा 

  • R.B.C. का नर्माण लाल अस्थिमज्जा (Red Bone Marrow) में होता है। 

  • भ्रूणीय अवस्था में लाल रक्त का निर्माण यकृत (Liver) में होता है। 

  • R.B.C. का औसत जीवन काल 120 दिन का होता है। 

  • हमारे शरीर में 9 अरब R.B.C. प्रत्येक घंटे बनते हैं। 

  • R.B.C. की संख्या नर में 50 लाख कण तथा 45 लाख कण प्रति घन मिली. रक्त में होता है। 

  • प्लीहा (Spleen) को R.B.C. का कब्रगाह कहा जाता है। 

  • R.B.C. में हीमोग्लोबिन नामक पदार्थ पाया जाता है यही इसे लाल रंग प्रदान करता है। 

  • हीमोग्लोबिन का 96% भाग ग्लोबिन प्रोटीन एवं 4 - 5 % भाग हीम नामक रंजक का बना होता है। 

  • हीम अणु के केंद्र में लौह तत्व पाया जाता है। 

  • सामान्य स्वास्थ्य मनुष्य के प्रति 100 ml रक्त में  15gm हीमोग्लोबिन पाया जाता है। 

  • हीमोग्लोबिन की कमी से एनीमिया नामक बिमारी होती है। 

  • सोते वक्त R.B.C 5% कम हो जाता है एवं 4200 मीटर की ऊंचाई पर R.B.C. में 30% की वृद्धि हो जाती है। 

  • R.B.C. ऑक्सीजन और कार्बनडाइऑक्साइड के परिवहन में भाग लेता है। 

 

b) श्वेत रक्त कण (White Blood Corpuscles)

  • इसे ल्यूकोसाइट भी कहा जाता है। 

  • ये अनियमित आकार के केंद्रयुक्त, हीमोग्लोबिन रहित होते हैं। 

  • इसका निर्माण श्वेत अस्थिमज्जा, लिम्फ नोड कभी कभी लिवर और कभी प्लीहा में भी होता है। 

  • इसकी संख्या सामान्य स्वास्थ्य नर एवं मादा दोनों में 6000 - 8000 कण प्रति घन रक्त में होता है। 

  • इसका जीवनकाल 1 - 4 दिन होता है। 

  • R.B.C. एवं W.B.C. का अनुपात 600 : 1 होता है। 

  • W.B.C. का प्रमुख कार्य शरीर को रोगों के संक्रमण से बचाना है। 

 

c)बिम्बाणु (Platelets)

  • इसे थ्रोम्बोसाइट्स भी कहते हैं। 

  • इसका निर्माण भी अस्थिमज्जा में होता है। 

  • इसका मुख्य कार्य रक्त को थक्का बनाने में मदद करना है। 

  • रक्त का थक्का बनना (Clotting of Blood)

 

इसकी क्रिया विधि निम्न है :-

  • चोट - रक्त का बहना - थ्रोम्बोसाइट्स

  • थ्रोम्बोसाइट्स - रक्त प्रोटीन से क्रिया - प्रोथ्रोम्बोप्लास्टिन का निर्माण 

  • प्रोथ्रोम्बोप्लास्टिन - कैल्शियम आयन + ट्रिप्टेज के साथ क्रिया - सक्रिय थ्रोम्बिन का निर्माण 

  • थ्रोम्बिन - फाइबिनोजिन - रक्त का थक्का बनाना। 

  • रक्त प्लास्मा में प्रोथ्रोम्बिन तथा फ़ाइबरनोजिन का निर्माण। 

  • विटामिन K की कमी से रक्त का थक्का बनना बंद हो जाता है। 

  • कुछ मनुष्यों के रक्त में थक्का बनाने की क्षमता नहीं होती है। 

  • यह एक आनुवंशिक बिमारी "हिमोफिलिया" का लक्षण होता है।